A day with our future generation “World Environment Day”

An effort to Save Nature with our future generation…….
Awareness event on the occasion of “World Environment Day”
MESSAGE Org. celebrate “World Environment Day” at Jwahar Kala Kendra (Art Center) Jaipur. Rajasthan. India. More then 200 kids are participate in the event. The object of event sensitize children with an aim to create awareness towards our “Mother Nature” .

MESSAGE Org. 5th of June celebrate World environment day at Jawahar Kala Kendra, (Art Center) Jawahar Lal Nehru Marg, Jaipur. Rajasthan .India

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4 thoughts on “A day with our future generation “World Environment Day”

  1. हरे-भरे खूबसूरत पेड़…जहाँ तक नजर जाएँ, वहाँ तक हरियाली ही हरियाली…..कितनी सुखद लगती हैं ये बातें, लेकिन वास्तविकता इससे बिलकुल अलग है। शहरीकरण के दबाव, बढ़ती जनसंख्या और तीव्र विकास की लालसा ने हमें हरियाली से वंचित कर दिया है….घर के चौबारे में आम-नीम के पेड़ होना गुजरे वक्त की बात हो गई है। छोटे से फ्लैट में बोनसाई का एक पौधा लगाकर हम हरियाली को महसूस करने का भ्रम पालने लगें हैं।
    वनों की बेरहमी से हो रही कटाई के कारण एक तरफ ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है वहीं दूसरी और प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है। कई जीव हमारी धरती से लुप्त हो चुके हैं…..सही तरह से आँका जाए तो प्रलय का वक्त नजदीक नजर आ रहा है। इस प्रलय से बचने के लिए हमें तेजी से प्रयास करने होंगे।

    अब हर व्यक्ति को एक दो नहीं कम से कम दस पेड़ लगाने का वादा नहीं बल्कि पक्का इरादा करना होगा।
    Har Shiv

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  2. पेड़ सुख, शांति, समृद्धि और दीर्घायु के प्रदाता माने -गए हैं। ये मनुष्य को प्रकृति के अत्यंत निकट ले जाकर स्वस्थ, प्रसन्ना और सुखी रखते हैं। पेड़ आँधी-तूफान, शोरगुल एवं प्रदूषण से मनुष्य की रक्षा करते हैं। पेड़ों से जीवन प्रदाता ऑक्सीजन और अनुकूल चुम्बकीयतरंगों की प्राप्ति होती है। लेकिन मनुष्य की व्यावसायिक सोच ने इन पेड़ों का निर्ममतापूर्ण दोहन करके प्रकृति की व्यवस्थाओं को छिन्ना-भिन्ना और चौपट कर दिया है। आज गाँवों में पेड़ों के कारण पर्यावरण अभी भी मोटे तौर पर साफ और शुद्ध है, वहीं शहरों में पेड़ों के नहीं रहने से पर्यावरण अधिक प्रदूषित हो चुका है। सड़कों पर बढ़ते वाहनों के दबाव तथा धुआँ उगलते उद्योगों ने शहरों के पर्यावरण को बिगाड़ने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है।

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  3. खैर अब सोचना छोड़िये और खुद से कहिए कि ‘चलो ज्यादा नही पर हम एक शुरुआत तो कर सकते हैं’। सच पूछें तो पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हमे कुछ ज्यादा करना भी नहीं है। सिर्फ एक पहल करनी है यानी खुद को एक मौका देना है. हमारी छोटी-छोटी, समझदारी भरी पहल पर्यावरण को बेहद साफ-सुथरा और तरो-ताजा कर सकती है। आइये जानते हैं कि हम कैसे अपने पर्यावरण को बचाने में अपना छोटा लेकिन अमूल्य योगदान दे सकते हैं-

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  4. “God has cared for these trees, saved them from drought, disease, avalanches, and a thousand tempests and floods. But he cannot save them from fools”.
    Alisha

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